Rumored Buzz on nightmares solution
गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन भी हो सकता हैरात में आने वाले डरावने सपने अक्सर तनाव, चिंता, खराब नींद, बुरे अनुभवों या मानसिक दबाव से जुड़े होते हैं. पर्याप्त नींद, मानसिक शांति और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है.
स्टूडेंट्स, आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है!
स्लीप शेड्यूल बनाएं: हर दिन एक ही समय पर बिस्तर पर जाएं और सुबह एक ही समय पर जागें, वीकेंड पर भी ऐसा ही करें। इस प्रकार आपको अच्छी और गहरी नींद प्राप्त करने में मदद मिलती है और आपको बुरे सपने नहीं आते।
अगर आपकी नींद का कोई तय समय नहीं है, या आप देर रात भारी खाना खाते हैं तो इसका असर भी सपनों पर पड़ता है। पेट भारी होने से शरीर को आराम नहीं मिल पाता और नींद की गुणवत्ता घट जाती है। इसके अलावा, ज्यादा चाय, कॉफी या मीठे पदार्थों का सेवन भी मस्तिष्क को उत्तेजित कर देता है जिससे बुरे सपनों की आशंका बढ़ जाती है।
रात में सोते समय अक्सर डरावने सपने आते हैं.
इतना ही नहीं, इन बुरे सपनों के कारण जब उनकी आंख खुलती है, तो उनका पूरा शरीर पसीने website से भीगा हुआ होता है.
ऐसे सपनों से अक्सर नींद टूट जाती है, मन बेचैन हो जाता है और थकावट बनी रहती है। इसलिए मानसिक शांति बहुत जरूरी है।
नींद का ध्यान रखें: दवाइयों के साथ-साथ अपनी नींद का ध्यान रखना भी जरूरी है। सुनिश्चित करें कि आप पूरी नींद ले रहे हैं, जिससे दवाओं का असर कम हो सके और आप बेहतर महसूस करें।
अगर नहीं तो बता दें, स्वप्न शास्त्र के अनुसार हर सपने का अपना अलग मतलब होता है.
हेल्दी स्लीप एनवायरनमेंट क्रिएट करें: अपने कमरे में अंधेरा, शांत और ठंडा या गर्म (मौसम के अनुकूल) वतावरण बनाएं, इससे एक बेहतर गुणवत्ता वाली नींद प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
किसी काम या बात को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचना और चिंता करने से भी बुरे सपने आते हैं, जिसकी वजह से अक्सर रातों को घबराहट होती है और नींद खुल जाती है.
वेब स्टोरीज स्वास्थ्य राशिफल हाउ टू माँ के नुस्खे फीमेल फाइटर पॉडकास्ट देखे हेल्थ न्यूज
मानसिक तनाव और डिप्रेशन – बुरे सपनों की बड़ी वजह